acidity problem in chest hindi, acidity symptoms in hindi,what is acid in hindi

आज हम जानेगे की what is acid in hindi एसिडिटी को ही असिड कहते है acidity problem in chest hindi छाती में जलन यार दर्द होना बी एसिडिटी का करण है acidity symptoms in hindi एसिडिटी प्रॉब्लम के लक्षण के बारे में जानेगे

नमस्कार दोस्तों में आप सभी का हमारे ब्लॉग वेबसाइट पे सवागत करता हु आज हम बात करने वाले है तेजाब बनना या गेस बनना एसिडिटी होना आज के टाइम में आम बात है जो ये तेजाब बनती है यह हमारे गलत खान पान या तली हुए चीजे या फिर तेज मसालेदार सब्जी गोल्गापे चाय बर्ड पकोड़े आदि खाने से बनती है



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तेजाब या असिड मसालेदार खाना खाने से जादा बनती है | हमे जितना हो सके मसालेदार खाने से पहरेज करना चाहिए क्योकि अगर एक बार असिड बनाना सुरु हो गया तो आप जितनी चाहे इस के लिए दावा पीले याफिर जितनी मर्जी गोलिया खा ले ये हटने का नाम नहीं लेगा बहुत लोग है जो what is acid in hindi असिड यानि तेजाब से छुटकारा पाने के लिए असिलोक ,रेन्तिदीन गोली या ओसिद केप्सूल या तो दयोज़ोने सिरप पिटे है | अगर आप आपने खाने पिने का धयान रखोगे तो आप को ये सब मेडिसिन लेने की जरुरत बी नहीं होगी और नहीं आप को तेजाब या असिड बनेगा




acidity problem in chest hindi अधिकतर लोग छाती में होने वाले दर्द के कारण चिंता करने लगते हैं तथा ऐसा मानते हैं कि यह दर्द हार्ट (हृदय) से संबंधित किसी समस्या के कारण है। परंतु यह एक अस्थायी दर्द होता है तथा तब तक रहता है जब तक गैस निकल नहीं जाती। सौभाग्य से गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए कई घरेलू उपचार उपलब्ध हैं। ये उपचार हम आज आपके साथ शेयर कर (बाँट) रहे हैं। acidity symptoms in hindi

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समाधान में एसिड 7.0 से नीचे एक पीएच है, एक खट्टा स्वाद, पानी में हाइड्रोक्साइल आयनों को जारी करता है, और लिटमस पेपर लाल हो जाता है। एसिड दो मुख्य वर्गों में विभाजित होते हैं:

(1) मजबूत एसिड बहुत संक्षारक होते हैं और गंभीर त्वचा जलते हैं, उदाहरण हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, और सल्फरिक एसिड होते हैं। खनिज या अकार्बनिक एसिड भी कहा जाता है।what is acid in hindi

(2) कमजोर एसिड हल्के संक्षारक होते हैं और आमतौर पर त्वचा को प्रभावित नहीं करते हैं, उदाहरण एसिटिक एसिड (सिरका), साइट्रिक एसिड (साइट्रस फलों का रस एसिड), और टार्टेरिक एसिड (मेयोनेज़ बनाने में उपयोग किया जाता है) हैं। प्राकृतिक या कार्बनिक एसिड भी कहा जाता है।

एसिडिटी या पेट में जलन महसूस होना एक सामान्य समस्या है, जो मुख्य रूप से छाती या सीने में जलन पैदा करती है। आम तौर से ये जलन छाती के निचले हिस्से के आस-पास महसूस होती है। पेट के अम्लीय पदार्थों का खाने की नली  में आ जाना एसिडिटी का मुख्य कारण होता है।

पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड नामक अम्ल होता है। यह अम्ल भोजन को टुकड़ों में तोड़ता है, और बैक्टीरिया जैसे रोगजनकों से बचाता है। पेट की अंदरूनी परत शक्तिशाली होती है, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के प्रति अनुकूलित होती है, मगर इसोफेगस की परतें इस अम्ल के प्रति अनुकूलित नहीं होती इसलिए उसमें जलन महसूस होने लग जाती है।

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जादा मसालेदार या जादा मिर्च डाली हुए सब्जी या कोए बी खाने की वास्तु जिस में आधिक मसाले डाले हो इन सब से एसिडिटी की प्रोब्लम जादा होती हाही हमे इन सबी वस्तुओ से बचाना कहिये acidity problem in chest hindi




पेट की गैस को कम करने के तरीके अपूर्ण पाचन, जल्दी जल्दी खाना खाते समय खाने के साथ हवा निगलने, कब्ज़, तैलीय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने, अधिक फाइबर और स्टार्च युक्त आहार लेने, acidity problem in chest hindi खाद्य पदार्थों की एलर्जी आदि के कारण आँतों में गैस बन सकती है। कुछ पेय पदार्थ जैसे सोडा युक्त ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक या बीयर के कारण भी यह समस्या हो सकती है। गैस निकलना, पेट में दर्द, छाती में दर्द, पेट में सूजन और भूख न लगना छाती में दर्द के लक्षण हैं। गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द का क्या इलाज है? आज बोल्ड स्काय आपको गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए कुछ घरेलू उपचार बताएगा। पेट और छाती के बीच फंसी हुई गैस को निकालने के लिए कुछ घरेलू उपाय देखें। एसिडिटी उपाय

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पेट में जलना होना और पेट में हवा भर जाना यानि अफरा आना  एसिडिटी प्रॉब्लम

खाने की नाली में बहुत जादा जलन होना जी मचलना खट्टी ढाकर आना 

आंखों में समस्याएं अधिक एसिडिटी होने पर कई बार आंखों से आंसू आने या कंजक्टिवाइटिस संक्रमण की समस्या भी हो सकती है।

होंठ फटना आपको यह जानकर आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन एसिडिटी की वजह से भी आपके होंठ भी फट सकते हैं। त्वचा तैलीय होने और मौसम में भी नमी होने के बावजूद यदि आपके होंठ फटते हैं तो, यह एसिडिटी के कारण हो सकता है।

मुंह में छाले मुंह में छाले की वजह कब्‍ज से होने वाली एसिडि‌टी की वजह से भी हो सकते हैं।

 

त्वचा रूखी होना अधिक और लगातार एसिडिटी होने पर इसका प्रभाव आपकी त्वचा पर भी पड़ता है। एसिडिटी होने पर त्वचा की नमी खत्म होने लगती है जिससे त्वचा रूखी हो जाती है।




दांत खराब होना एसिडिटी पैदा करने वाले खाने को चबाते समय कई बार लार के साथ एसिटिक रिएक्शन होते हैं, जो दांतों और मसूड़ों को कमजोर बनाते हैं और मुंह से संबंधित कई समस्याएं होने लगती हैं। acidity symptoms in hindi

 

एसिडिटी के लक्षण

  1. आंखों में समस्याएं: अधिक एसिडिटी होने पर कई बार आंखों से आंसू आने या कंजक्टिवाइटिस संक्रमण की समस्या भी हो सकती है।
  2. होंठ फटना: आपको यह जानकर आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन एसिडिटी की वजह से भी आपके होंठ भी फट सकते हैं। त्वचा तैलीय होने और मौसम में भी नमी होने के बावजूद यदि आपके होंठ फटते हैं तो, यह एसिडिटी के कारण हो सकता है।
  3. मुंह में छाले: मुंह में छाले की वजह कब्‍ज से होने वाली एसिडि‌टी की वजह से भी हो सकते हैं।
  4. त्वचा रूखी होना: अधिक और लगातार एसिडिटी होने पर इसका प्रभाव आपकी त्वचा पर भी पड़ता है। एसिडिटी होने पर त्वचा की नमी खत्म होने लगती है जिससे त्वचा रूखी हो जाती है।
  5. दांत खराब होना: एसिडिटी पैदा करने वाले खाने को चबाते समय कई बार लार के साथ एसिटिक रिएक्शन होते हैं, जो दांतों और मसूड़ों को कमजोर बनाते हैं और मुंह से संबंधित कई समस्याएं होने लगती हैं।

एसिडिटी के कारण
जानकारों के मुताबिक आमाशय में पाचन क्रिया के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा पेप्सिन का स्राव होता है। आमतौर पर यह अम्ल तथा पेप्सिन आमाशय में ही रहते हैं व भोजन नली के सम्पर्क में नहीं आते। आमाशय तथा भोजन नली के जुड़ने वाले स्थान पर कुछ विशेष प्रकार की मांसपेशियां होती है, जो अपनी सिकुड़ने की क्षमता से आमाशय व आहार नली का मार्ग बंद रखती है, हालांकि कुछ खाने-पीने पर खुल जाती हैं।जब इन मांसपेशियों में कोई खाराबी आ जाती है तो कई बार ये अपने आप ही खुल जाती हैं, और एसिड तथा पेप्सिन भोजन नली में आ जाते हैं। जब ऐसा कई बार होता है तो आहार नली में सूजन व घाव हो जाते हैं। जिसे हम एसिडिटी कहते हैं। एसिडिटी के कारण

एसिडिटी का घरेलू उपचार एसिडिटी का कारण और निवारण


  • जामुन में ग्‍लूकोज और फ्रक्‍टोज और इसके बीज में कार्बोहाइड्रेज, प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। मौसम के अनुरूप इसका सेवन औषधि के रूप में करना चाहिए। इसका सेवन पाचनशक्ति को बढ़ाता है और पेट के रोगों में आराम देता है। खाली पेट जामुन खाने से गैस व एसिडिटी की समस्या समाप्‍त हो जाती है।
  • टमाटर में कैल्शियम, फास्‍फोरस व विटामिन-सी पाया जाता है। जो शरीर से जीवाणुओं को बाहर निकालता है। टमाटर स्‍वाद में खट्टा होता है, लेकिन इससे शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ती है। टमाटर के नियमित सेवन से एसिडिटी की शिकायत नहीं होती।
  • मेथी से पेट और आंत की सभी समस्‍याएं दूर होती है। एसिडिटी की समस्‍या से बचने के लिए रोज सुबह खाली पेट कुछ दाने मेथी के खाने से फायदा होता है। या फिर मेथी और मठ्ठे का घोल बना कर पीएं। ऐसा करने से एसिडिटी समेत पेट के सभी रोग दूर हो जाएगें। एसिडिटी उपाय

 

Conclusion

आज की पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की what is acid in hindi  और इसके साथ ही हमने आपको यह भी बताया की आशा करते है की हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। इस पोस्ट की जानकारी आप अपने फ्रेंड्स को भी दे तथा सोशल मीडिया पर भी यह पोस्ट  ज़रुर शेयर करे। acidity problem in chest hindi जिससे और भी ज्यादा लोगों के पास यह जानकारी पहुँच सके। हमारी पोस्ट acidity symptoms in hindi  में आपको कोई परेशानी है या आपका कोई सवाल है इस पोस्ट से सम्बन्धित तो आप कमेंटकर के हमसे पूछ सकते है। हम आपकी मदद ज़रुर करेगे एसिडिटी उपाय,एसिडिटी का उपचार,एसिडिटी प्रॉब्लम,एसिडिटी का इलाज,एसिडिटी का घरेलू उपचार,एसिडिटी का कारण और निवारण,एसिडिटी के लक्षण

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