how to hayfever in children symptoms hindi

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hayfever in children

आजकल एलर्जी बदलते मोसम और बड़ते पर्दूसन की वजह से हर किसी को इस समस्या से परेसान ह  hayfever in children  भारत में 25% लोग एलर्जी के रोग से गर्स्त है और एलर्जी की दावा भी महगी आती है ये दवएया काफी लम्बे समय तक खानी पड़ती है आज हम इस पोस्ट में जानेगे की  pollen allergy symptoms  एलर्जी के लक्षण क्या है hayfever in children

बदलते खानपान की वज़ह से कई लोग इसके शिकार भी हैं, और परेशान भी। जो लोग एलर्जी से पीड़ित हैं या जिनको काफी चीजों से एलर्जी होती है तो इसका उनकी कार्यक्षमता पर काफी असर पड़ता है जिसकी वज़ह से वह अपने दैनिक कार्य भी सही से नहीं कर पाते हैं

इन में से एक एलर्जी hayfever in children भी है आज हम pollen एलर्जी के बारे में बात करेगे

 

वसंत ग्रीष्म ऋतू  और पतझड़  पेड़ के पते गिरना  और घास फूस हवा में छोटे पराग अनाज कटते समय जो कण उड़ कर हवा के साथ मिल जाते  pollen allergy पराग से कुछ अपने नाक और गले में खरिस होता है। इस एलर्जी को ( हे फीवर ) hayfever in children कहा जाता हैं।

hayfever in children symptoms

  • छींकना, अक्सर एक नाक बहती रही है
  • खाँसी और नाक बहना
  • आंखों, नाक और गले में खुजली
  • लाल आँखें
  • आंखों के नीचे काले घेरे

 

hayfever in children symptoms

एलर्जी के लक्षण व्यक्ति में अलग – अलग तरह के होते हैं। सामान्यतौर पर देखे जाने वाले लक्षणों की जानकारी नीचे दी गई है।

  • नाक की एलर्जी – बार बार जुकाम का होना, नाक में खुजली होना, नाक बहना, छीकें आना, नाक का बंद होना आदि l hayfever in children
  • त्वचा की एलर्जी – त्वचा की एलर्जी काफी आम है और बारिश के मौसम में त्वचा की एलर्जी ज़्यादा होती है। त्वचा की एलर्जी में त्वचा पर खुजली होना, त्वचा पर लाल निसान पड़ना, दाने निकलना, पित्ती उछलना आदि हो जाता है l
  • आँख की एलर्जी – आखों से पानी आना, आँखों का लाल पड़ना, आँखों में जलन और खुजली होना आदि l hay fever symptoms
  • फेफड़ों की एलर्जी – इसमें खांसी का होना, साँस लेने में तकलीफ होना, फेफड़ों में कफ जम जाना, साँस लेने में घबराहट होना एवं अस्थमा जैसी गंभीर समस्या हो सकती है l
  • खाने पीने की चीजों से एलर्जी – बहुत से लोगों को खाने पीने की चीजों से एलर्जी होती है, जैसे अंडे दूध मछली चॉकलेट आदि से एलर्जी होती है l
  • पूरे शरीर की एलर्जी – कभी कभी लोगों के पूरे शरीर में एलर्जी हो जाती है। इसका शरीर पर बहुत गंभीर असर पड़ता है जिससे पूरे शरीर में एक साथ गंभीर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। ऐसी स्तिथि में तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ जाता है l hayfever in children
  • दवा से एलर्जी – कई अंग्रेजी दवाएं भी एलर्जी का कारण बन जाती हैं, जिसका रिएक्शन बहुत खतरनाक होता है और मौके पर मोत भी हो जाती है।

 

hayfever in children symptoms से सावधानिय 

जिस भी मोसम में आपको ये अलेर्गी होती हा उस मोसम में सवाधिनी बरते

  • खुली हवा में न जाये
  • घर की खिरकिया बंद रखे
  • जादातर a.c में ही रहे
  • जब भी भाहर जाये नाक में पेट्रोलियम जेली यानि वेसलिन लगा के जाये या फिर देसी घी लगा के जाये
  • आपने कपडे धोने के बाद खुली हवा में न सुखाये
  • आँखों पर चश्मा लगाये                                                                    hayfever in children
  • घर के आस पास गंदगी ना होने दें l
  • घर में खुली और ताजा हवा आने का रास्ता रखें।
  • आपको जिन खाद्य-पदार्थों के खाने से एलर्जी होती है, उन्हें न खाएं l
  • ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें खाने से एलर्जी है, उन्हें न खाएं।
  • एकदम ठन्डे से गरम और गरम से ठन्डे वातावरण में ना जाएं l
  • कुछ दवाओं जैसे एस्पिरीन, निमुसलाइड आदि का उपयोग न करें।
  • मुंह और नाक पर रुमाल बांधकर बाइक चलाएं,और अच्छी क़्वालिटी का चश्मा लगायें l
  • रजाई, गद्दे, तकिये के कवर एवं चद्दर आदि समय समय पर बदलें और गर्म पानी से धोते रहे l
  • यदि पालतू जानवरों से एलर्जी होती है तो उन्हें घर में ना रखें या उन्हें अपने लिविंग रूम से दूर ही रखें |
  • घर में समय समय पर साफ सफाई करते रहे और मकड़ी वगैरह के जाले ना लगने दें।
  • अगर धूल मिटटी से एलर्जी है तो फेस मास्क पहन कर काम करेंl

hayfever in children symptoms medicine homoeopathic

  1. Allium cepa
  2. Sabadilla
  3. Dulcamara
  4. Sinapis Nigra
  5. Sanguinaria
  6. Psorinum
  7. Ambrosia
  8. Arundo
  9. Wyethia
  10. Histaminum
  11. Ars.Alb
  12. Nux Vomica

ये सब दवायेया होमोपेथिक है hayfever in children एलर्जी में लाभकारी हा आप इनका सेवन कर सकते हो इस साइट पर उपलब्द सभी जानकारी और लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है यहाँ पर दी गय जानकारीपूर्ण का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए चिकित्सा परीक्षण और उपचार क लियी हमेशा एक योग्य चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए

 

Conclusion

 

आज की पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की hayfever in children  और इसके साथ ही हमने आपको यह भी बताया की hayfever in children आशा करते है की हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। इस पोस्ट की जानकारी आप अपने फ्रेंड्स को भी दे तथा सोशल मीडिया पर भी यह पोस्ट hayfever in children ज़रुर शेयर करे। जिससे और भी ज्यादा लोगों के पास यह जानकारी पहुँच सके। हमारी पोस्ट hayfever in children में आपको कोई परेशानी है या आपका कोई सवाल है इस पोस्ट से सम्बन्धित तो आप कमेंटकर के हमसे पूछ सकते है। हम आपकी मदद ज़रुर करेगे

 

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